भारिया जनजाति की सामाजिक परंपराएं | bharia janjati ki samajik paramparayen

भारिया जनजाति की सामाजिक परंपराएं

  • जन्म संस्कार
  • विवाह
  • मृत्यु संस्कार
bharia-janjati-ki-samajik-paramparayen

जन्म संस्कार

  • भारिया जनजाति में शिशु जन्म को उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
  • बच्चों का नामकरण 6 माह बाद पिता की बहन द्वारा कराया जाता है।
  • इसी समय बच्चों को अन्नप्राशन का कार्य भी कराया जाता है।
  • भारिया लोगों की मान्यता है कि छठी माता बच्चों का भाग्य लिखती है।

विवाह

भारिया जनजाति में सगोत्र विवाह वर्जित है इनके प्रमुख विवाह लामसेना विवाह, राजी बाजी विवाह, मंगनी विवाह, सेवा विवाह, अपहरण विवाह, विधवा पुनर्विवाह आदि का प्रचलन है।

मृत्यु संस्कार

  • भारिया जनजाति में दाह संस्कार एवं शव को दफनाना दोनों का प्रचलन है।
  • मृत्यु संस्कार में शव यात्रा के साथ चलने वाले लोगों के पैरों में काँटा लगाने की परम्परा होती है जिसे काँटा लगाना कहते हैं।
Tags:

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

Kartik Budholiya

Kartik Budholiya

मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत, भूगोल, कला-संस्कृति और सामान्य ज्ञान के विशेषज्ञ Kartik Budholiya छात्रों को MPPSC, MPESB (Vyapam), MP Police, Patwari, Forest Guard और अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए निरंतर शोध-परक कंटेंट साझा करते हैं।