भारिया जनजाति की सामाजिक संरचना | bharia janjati ki samajik sanrachna

भारिया जनजाति की सामाजिक संरचना

  • परिवार
  • उपजातियां
  • निवास
  • खान-पान
  • वस्त्र व आभूषण
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(i) परिवार

  • पितृ सत्तात्मक समाज
  • एकल व संयुक्त परिवार दोनों का प्रचलन

(ii) उपजातियां

भारिया जनजाति की उपजातियां भूमिया, भुईंहार और पंडो है।

गोत्र

भारिया जनजाति में 51 गोत्र है परन्तु 16 गोत्र ही प्रमुख माने जाते हैं इनके प्रमुख गोत्र अंगारिया, खमरिया, भरदिया, बागोरिया चलथिया आदि हैं।

भारिया जनजाति के प्रमुख गोत्र

  • अंगारिया - अग्नि के पूजक
  • खमरिया - खमीर पेड़ के पूजक
  • बागोरिया - बाघ मार कर उसकी पूजा करने वाले
  • चलथिया - अंगारो पर चलने वाले
  • भरदिया - भरदा बैल को नही काटने वाले

(iii) निवास

  • भारिया जनजाति ऊंची पहाड़ियों पर अपना घर बनाते हैं उनके घर पंक्तिबद्ध होते हैं।
  • भारिया जनजाति के घरों को ढाना कहा जाता है।
  • भारिया अपने निवास में मेघनाथ स्तम्भ, भीमसेन व मृतक चौराहा अनिवार्य रूप से बनाते हैं।

सामाजिक संगठन

  • भारिया जनजाति में सामाजिक संगठन मजबूत होता है।
  • भारिया जनजाति में गांव का मुखिया पटेल कहलाता है।
  • भारिया पंचायत में पटेल के अलावा, भुमका, पड़ियार, कोटवार व गांव का कोई वरिष्ठ व्यक्ति मौजूद होता है।
  • पंचायत में पंचों का विशेष महत्व होता है।

भारिया जनजाति की पंचायत

भारिया जनजाति की पंचायत में पांच व्यक्ति होते हैं जो महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • पटेल : यह गांव का मुखिया होता है इसका पद परंपरागत होता है।
  • भुमका : पटेल के बाद दूसरा महत्वपूर्ण व्यक्ति
  • पड़ियार : पंचायत सभा सम्पन्न कराने में इसका विशेष योगदान होता है।
  • कोटवार : यह गांव के प्रशासनिक कार्य को देखता है इसकी नियुक्ति सरकार द्वारा की जाती है।

(iv) खान - पान

  • भारिया जनजाति के लोग शाकाहारी व मांसाहारी दोनों होते हैं।
  • इनका मुख्य भोजन पेज है इसके अलावा ये मोटे अनाज मक्का, कुटकी, ज्वार आदि का प्रयोग करते हैं
  • भारिया जनजाति में महुए की शराब का प्रचलन है।
  • भारिया जनजाति में त्यौहार के समय ठेठरा नामक मीठा पकवान बनाया जाता है।

(v) वस्त्र एवं आभूषण

  • पुरुष → कुर्ता, धोती व पगड़ी
  • महिलाएँ → साड़ी
भारिया महिलाएँ आभूषण प्रिय होती हैं इनके द्वारा चांदी, एल्युमीनियम तथा लोहे आदि के आभूषण प्रयोग किए जाते हैं।
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Kartik Budholiya

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मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत, भूगोल, कला-संस्कृति और सामान्य ज्ञान के विशेषज्ञ Kartik Budholiya छात्रों को MPPSC, MPESB (Vyapam), MP Police, Patwari, Forest Guard और अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए निरंतर शोध-परक कंटेंट साझा करते हैं।