बोधिसत्व
बोधिसत्व वे व्यक्ति हैं जो मोक्ष प्राप्त करने के मार्ग पर हैं और बुद्ध द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चल रहे हैं।
बोधिसत्व का शाब्दिक अर्थ है - एक व्यक्ति जो बुद्ध बनने का इरादा रखता है बोधिसत्व की अवधारणा महायान बौद्ध धर्म से संबंधित है।
दस पारमिताओं का पूर्ण पालन करने वाला बोधिसत्व कहलाता है।
महायान ग्रंथों में छः पारमिता की गणना मिलती है-
- दान पारमिता
- शील
- क्षान्ति
- वीर्य
- ध्यान
- प्रज्ञा।
दशभूमिका सूत्र में निम्न चार पारमिता भी गिनायी गयी हैं-
- उपाय पारमिता
- प्राणिधान
- बल
- ज्ञान
थेरवाद ग्रंथों में वर्णित दस पारमिता है-
- दान पारमिता
- शील
- नेक्खम्मा (त्याग)
- प्रज्ञा
- वीर्य
- खान्ति
- सच्च
- अधिष्ठान
- मेत्ता
- उपेक्खा
बोधिसत्व जब दस बलों या भूमियों (प्रमुदिता, विमला, दीप्ति, अर्चिष्मती, सुदुर्जया, अभिमुखी, दूरंगमा, अचल, साधुमती तथा धर्ममेघा) को प्राप्त कर लेते हैं तब बुद्ध कहलाते हैं। बुद्ध बनना ही बोधिसत्व के जीवन की पराकाष्ठा है।
बोधिसत्व के चार गुण
- मैत्री : इसका तात्पर्य सभी प्राणियों के प्रति सद्भावना से है।
- करुणा : प्रत्येक बोधिसत्व को एक-दूसरे के प्रति दया व दूसरे के कष्टों को अपने कष्टों के रूप में पहचानने का प्रयास करना चाहिए।
- मुदिता : इसका तात्पर्य किसी दूसरे व्यक्ति की खुशी में आनंद की अनुभूति से है।
- उपेक्षा : इसका तात्पर्य अनासक्ति अन्य प्राणियों के अस्तित्व के प्रति सहिष्णुता की भावना और संतुलित दिमाग होना है।
प्रमुख बोधिसत्व
अवलोकितेश्वर
- यह करुणा का बोधिसत्व है।
- यह बुद्ध के तीन रक्षक देवताओं में से एक इन्हें पद्मपाणि नाम से भी जाना जाता है
- महायान शाखा के महत्वपूर्ण ग्रंथ कमलसूत्र में इसका व्यापक वर्णन है।
- अजंता की गुफाओं में अवलोकितेश्वर की कई पेंटिंग्स हैं।
- अवलोकितेश्वर बोधिसत्व की मूर्तियों में आमतौर पर एक सामान्य बौद्ध कहावत खुदी है जिसका अनुवाद है- बुद्ध ने उन सभी चीजों के कारण की व्याख्या की है जो एक कारण से उत्पन्न होती है।
- कई अनुयायी दलाई लामा को अवलोकितेश्वर का अवतार मानते हैं।
मैत्रेय
- इसे भविष्य का बोधिसत्व बताया गया है।
- लाफिंग बुद्धा को मैत्रेय बोधिसत्व के अवतारों में से एक माना जाता है।
- अधिकांश धर्म ग्रंथों में इन्हें गौतम बुद्ध का उत्तराधिकारी बताया गया है
मंजुश्री बोधिसत्व
- ये महायान सम्प्रदाय के सबसे प्रमुख व्यक्ति में से एक हैं।
- इनकी ज्ञान और बुद्धि का बोधिसत्व माना जाता है
- इनको पुरुष बोधिसत्व के रूप में दर्शाया गया है।
- एक हाथ में ज्वलंत तलवार, जो ज्ञान के समान है दूसरे हाथ में कमल लिए हुए मंजुश्री की छवि बौद्ध धर्म के अनुयायियों के बीच काफी लोकप्रिय है।
सामंतभद्र बोधिसत्व
- इन्हें ध्यान और अभ्यास के बोधिसत्व के रूप में जाना जाता है।
- ये बुद्ध और मंजुश्री के साथ बौद्ध धर्म के शाक्यमुनि त्रय या त्रिमूर्ति का निर्माण करते हैं।
क्षितिगर्भ बोधिसत्व
- क्षितिगर्भ का अर्थ है- पृथ्वी का गर्भ
- इन्हें नश्वर प्राणियों के बोधिसत्व के रूप में जाना जाता है।
वज्रपाणि बोधिसत्व
- वज्रपाणि वज्र धारण करने वाला बोधिसत्व है।
- ये बुद्ध के तीन संरक्षक देवताओं में से एक का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- इनकी छवियाँ अजंता गुफाओं की दीवारों पर भी चित्रित
- इनको ध्यानी बोधिसत्व भी कहा जाता है।
- इनकी पाँच तथागत शक्तियाँ - अमिताभ, वैरोचन, अमोघसिद्धि, अक्षोभ्य, रत्नसंभव
सदापरिभूत
- यह बोधिसत्व कभी अपमानजनक प्रेरणा प्रकट नहीं करता
- कभी जीवित प्राणियों की अवहेलना नहीं करता तथा बुद्धत्व की क्षमता पर संदेह नहीं करता।
- महायान और वज्रयान संप्रदायों द्वारा इनकी पूजा
आकाशगर्भ
- इसका शाब्दिक अर्थ - असीम अंतरिक्ष खजाना।
- इसको क्षितिगर्भ बोधिसत्व का जुड़वा बोधिसत्व माना जाता है।
- इसे 'गगनगूंजा' भी कहा जाता है।
अमिताभ
- शाब्दिक अर्थ - अनंत प्रकाश से संपन्न देव
- महायान संप्रदाय के अनुसार अमिताभ बुद्ध वर्तमान जगत के अभिभावक, अधिपति (नाथ), अधीश्वर तथा विजेता (जित) बुद्ध का नाम है।
- धार्मिक ग्रंथों के अनुसार अमिताभ बुद्ध अपने अनगिनत पिछले जन्मों में 'धर्मकार' नामक बोधिसत्व थे।

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