मध्यप्रदेश की जनजाति से संबंधित प्रमुख राजनीतिक व्यक्तित्व
राजा नरेश चन्द्र
- प्रसिद्ध नेता व मध्य प्रदेश के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री (13 मार्च 1969 - 25 मार्च 1969) रहे।
- राजा नरेश चन्द्र पहली, दूसरी, तीसरी व चौथी विधानसभा के सदस्य थे।
- कांग्रेस से मतभेद रहने के कारण सभी पदों से त्यागपत्र दे दिया।
जमुना देवी
- प्रसिद्ध आदिवासी नेता
- मध्य प्रदेश में 'बुआ जी' से प्रसिद्ध
- जन्म - 1929 सरदारपुर (धार) में
- स्वतंत्रता के पश्चात 1952 में पहली विधान सभा की सदस्य रही।
- 1998 में मध्य प्रदेश की पहली उप मुख्यमंत्री बनी।
- मध्य प्रदेश की महिला नेता प्रतिपक्ष 2003।
- मध्य प्रदेश की पहली महिला प्रोटेम स्पीकर।
- वर्ष 1962 में झाबुआ लोकसभा से चुनाव जीती।
- वर्ष 1978 से 1981 तक राज्यसभा सदस्य।
- 2001 में भारत ज्योति सम्मान दिया गया।
दिलीप सिंह भूरिया
- जन्म 18 जून 1944 झाबुआ (मध्य प्रदेश)।
- 6 बार सांसद।
- अटल बिहारी सरकार में अनुसूचित जनजाति के अध्यक्ष।
- तेंदूपत्ता नीति की सिफारिश की।
निर्मला भूरिया
- झाबुआ जिले की प्रसिद्ध आदिवासी नेता व दिलीप सिंह भूरिया की पुत्री।
- मध्य प्रदेश सरकार में महिला व बाल विकास मंत्री।
कांतिलाल भूरिया
- जन्म 1 जून 1950 झाबुआ।
- झाबुआ व रतलाम से लोकसभा सदस्य निर्वाचित।
- 15वीं लोकसभा में जनजातीय मामलों के मंत्री रहे।
उमंग सिंघार
- धार विधान सभा क्षेत्र से निर्वाचित म.प्र. में वन मंत्री (2018-20)।
- वर्तमान में मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष।
- 'भीलों का गांधी' और 'गुरू मामा' नाम से प्रसिद्ध।
- डंगर विद्यालय और भील आश्रम की स्थापना की गई।
- झाबुआ में आदिवासी उत्थान के लिए कार्य किया।
फग्गन सिंह कुलस्ते
- मण्डला लोकसभा से 6 बार सांसद।
- 2012 में राज्यसभा।
- वर्तमान में केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री।
मीना सिंह माण्डवे
- मानपुर क्षेत्र से विधायक।
- 2020 में मध्य प्रदेश सरकार में जनजाति कल्याण मंत्री।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें