मध्य प्रदेश की प्रमुख घुमंतू जनजाति
बंजारा जनजाति
मध्य प्रदेश राज्य की निवासित यह जनजाति खानाबदोश प्रवृत्ति की है जो कबीलाई परम्परा में रहती हैं।
यह मध्य प्रदेश और राजस्थान में पाई जाने वाली घुमंतू जनजाति है जो स्वयं को राजपूत का वंशज मानती है।
निवास
- पश्चिमी मालवा, निमाड़ और मण्डला क्षेत्रों में
देवता
- मध्य प्रदेश में यह जनजाति सिख धर्म से प्रभावित है।
- सिख गुरू नानक और गुरुग्रन्थ साहिब के अनुयायी
- इसके अतिरिक्त ये राम, शिव, दुर्गा, हनुमान व कृष्ण जी की भी पूजा करते हैं।
नृत्य
- घूमर, तलवारबाजी, मछली नृत्य, डंडावैली नृत्य और गरबा
विवाह
- अपहरण विवाह, राजीबाजी विवाह, मंगनी विवाह, पलायन विवाह, विधवा पुनर्विवाह आदि का प्रचलन है।
- विवाह में उड़द दाल का प्रयोग शुभ माना जाता है।
त्यौहार
- महत्वपूर्ण व प्रमुख त्यौहार - गणगौर
- हिन्दू त्यौहार होली, दिवाली आदि भी मनाते हैं।
भाषा
- बंजारी व राजस्थानी
विशेषताएँ
- महिलाओं में श्रृंगार का प्रचलन अधिक, सबसे पहले कंघी के इस्तेमाल का श्रेय इन्हें ही दिया जाता है।
- घूमने के दौरान ही ये जनजाति कई स्थानों पर कृषि व मजदूरी भी करती हैं।
- बंजारा समुदाय के कबीला प्रमुख को नायक कहा जाता है।
- प्रायः गांव के बाहर निवासित इस समुदाय के निवास स्थान को टाण्डे के नाम से भी जाना जाता है।
- पुरूष प्रधान समाज
वाछड़ा
- मध्य भारत की जनजाति जो पारंपरिक रूप से वेश्यावृत्ति और अन्य अपराधों से पहचानी जाती हैं।
- इनकी उत्पत्ति कंजर जनजाति से मानी जाती है परन्तु अब ये कंजर समुदाय से अलग अपनी संस्कृति का विकास कर रहे हैं।
- जीविका के लिए 'नाटककार्य' का कार्य करती हैं।
- यह जनजाति पीपल को देवता के रूप में मानती है
- मुख्य रूप में मंदसौर, रतलाम व नीमच जिले में निवासरत हैं।
- यह जनजाति बांस कला में निपुण है।
कालबेलिया
- यह राजस्थान की प्रमुख जनजाति है जो मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में पाई जाती है
- कालबेलिया नृत्य 2010 से मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत UNESCO में सूचीबद्ध है।
- ये भगवान शिव की आराधना करते हैं।
- इस जनजाति के संस्थापक गुरु कनिफनाथ हैं।
- यह जनजाति हस्तशिल्प, वस्त्र, मनका आभूषण व सूरमा बनाने में प्रसिद्ध है।
कंजर
- ये पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश के उत्तरी पूर्वी क्षेत्र व पश्चिमी क्षेत्र में कुछ संख्या में पाए जाते हैं।
- कंजर शब्द का अर्थ है जंगल में परिक्रमा करने वाले
- यह एक घुमक्कड़ कबीलाई जनजाति है इसे गिहार भी कहा जाता है।
धनगर
- सागर क्षेत्र में रहने वाली घुमक्कड़ चरवाहा जनजाति है।
- खंडोवाइस इस जनजाति के प्रमुख संरक्षक देवता हैं
कबूतरा
- बुंदेलखण्ड में पाई जाने वाली विमुक्त जनजाति
- समाज की कबूतरी महिलाएँ शराब बिक्री का कार्य करती हैं।
- यह जनजाति आजीविका के लिए गाँव-गाँव भटकती है यह अभी विलुप्त होने के कगार पर हैं।
- ये लोग बीमारी से बचने के लिए गुनिया वीर देवता की पूजा करते हैं।
- ये जनजाति मृत्यु के समय करुण मरसिया गाते हैं।
शैक्षणिक योजनाएँ
राज्य छात्रवृति कक्षा 1 से 5
- 1 से 5 तक अध्ययन करने वाले विमुक्त, घुमक्कड़ व अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति वर्ग के छात्र छात्राओं के रूपये 15 के हिसाब से 10 माह के लिए 150 रुपये की छात्रवृति
- वित्तीय वर्ष 2019-20 में राशि 70 लाख रूपये के प्रावधान के विरुद्ध राशि रुपये 65 लाख लोक शिक्षण संचालनालय को हस्तांतरित किए गए।
राज्य छात्रवृति कक्षा 6 से 10
| कक्षा | छात्र | छात्रा |
|---|---|---|
| 6 से 8 | 200 ₹ | 600 ₹ |
| 9 से 10 | 600 ₹ | 1200 ₹ |
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति
- योजनांतर्गत 11 वीं से लेकर महाविद्यालयीन कक्षाओं के लिए चिकित्सा, इंजीनियरिंग तथा विज्ञान समूह, आयुर्वेद, यूनानी होम्योपैथी, कृषि विज्ञान आदि समूहों के पाठ्यक्रमों के लिए 2.5 लाख आयसीमा वाले परिवार के विद्यार्थियों को निर्धारित पूर्ण निवास भत्ता निर्धारित शिक्षण शुल्क सहित अनिवार्य शुल्क का भुगतान किया जाता है।
- 2.5 से 3 लाख आयसीमा वाले परिवार के विद्यार्थियों के लिए कोई निर्वाह भत्ता देय नही।
- शासकीय/अशासकीय संस्थाओं में अध्ययनरत रहने पर शासकीय संस्थाओं से संबंधित पाठ्यक्रम में निर्धारित शिक्षण शुल्क परीक्षा शुल्क सहित अनिवार्य शुल्कों की आधी राशि का भुगतान किया जाता है।
- योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2019-20 में राशि 120.00 लाख के प्रावधान के विरूद्ध राशि 115.13 लाख का व्यय किया गया है।
कन्या साक्षरता प्रोत्साहन योजना कक्षा 11 वीं
- विमुक्त घुमक्कड़ व अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति की बालिकाओं को शिक्षा हेतु प्रोत्साहित करने के लिए कन्या साक्षरता प्रोत्साहन योजना, जिसमें प्रथम बार 11 वीं में प्रवेश पर 3000/- की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
- वित्तीय वर्ष 2019-20 में राशि रुपये 34.07 लाख के प्रावधान के विरुद्ध 34.07 लाख लोक शिक्षण संचालनालय को हस्तांतरित किए गये।
सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना
विमुक्त घुमक्कड़ व अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति के योग्य अभ्यार्थियों को मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग एवं संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में विभिन्न स्तरों में सफलता -
| विवरण | मध्य प्रदेश लोक सेवा मे पात्रता राशि | संघ लोक सेवा आयोग में पात्रता राशि |
|---|---|---|
| प्रारम्भिक परीक्षा उत्तीर्ण होने पर | 20,000 | 40,000 |
| मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण | 30,000 | 60,000 |
| साक्षात्कार उत्तीर्ण | 25,000 | 50,000 |
सैनिक स्कूल/पब्लिक स्कूल के शिक्षण शुल्क प्रतिपूर्ति योजना
- सैनिक स्कूल/निजी संस्थाओं में प्रवेश लेने पर इन विमुक्त जनजातियों के लिए शिक्षण शुल्क प्रतिपूर्ति योजना संचालित है।
- वर्ष 2019-20 में रूपये 31.51 लाख के विरूद्ध 25.21 लाख का व्यय किया गया।
मुख्यमंत्री आवास भाड़ा योजना
दूरस्थ स्थान के विमुक्त, घुमक्कड़ व अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति के बच्चे जो पोस्ट मैट्रिक स्तर की पढ़ाई हेतु शहरों में आवास लेकर रहते हैं उन्हें आवास भत्ता प्रदान करने के लिए यह योजना संचालित की जाती है जिससे उनकी शिक्षा में व्यवधान उत्पन्न न हो ।
विमुक्त जाति छात्रावास योजना
- राज्य द्वारा इन जन जातियों के लिए 141 विमुक्त जाति छात्रावास/आश्रम का संचालन किया जा रहा है जिसमें 6550 सीटें स्वीकृत हैं।
- योजनांतर्गत बालकों हेतु 1090/- एवं बालिकाओं हेतु 1130/- प्रतिमाह (10 माह हेतु) से प्रदान की गई।
जाति प्रमाण पत्रों का मुद्रण
इन जनजातियों के जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने हेतु अनुभागीय अधिकारी (राजस्व) को अधिकृत किया गया है जिसके तहत लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से जाति प्रमाण पत्र बनाए जा रहे है।
आर्थिक विकास की योजनाएँ
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना
इन जनजातियों के आर्थिक विकास को ध्यान में रखते हुए स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए मार्जिन मनी सहायता (परियोजना लागत की 30% अधिकतम 3 लाख) तथा 5% ब्याज अनुदान (महिला को 6%) अधिकतम 07 वर्षों तक राशि रूपये 25000/- प्रतिवर्ष की सीमा में प्रदान किया जाता है।
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना
- योजनांतर्गत समाज के सबसे गरीब वर्ग को कम लागत के उपकरण।
- कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने हेतु मार्जिन मनी सहायता (परियोजना लागत का 50% अधिकतम 15000 रूपये) उपलब्ध कराई जाती है।
विमुक्त जाति बस्ती विकास योजना
- इन जनजातियों के बाहुल्य क्षेत्रों की बस्तियों, ग्राम, वार्ड, मोहल्ले, मजरे व टीलों की अधोसंरचना के विकास के लिए यह योजना।
- इसके अन्तर्गत नाली, सीसी रोड, सार्वजनिक शौचालय, पेयजल व्यवस्था आदि के लिए सामुदायिक निर्माण कराए जाते हैं।
- 2019-20 में 700.00 लाख रूपये का प्रावधान रखा गया।
विमुक्त जाति बस्तियों में विद्युतीकरण योजना
ऐसी बस्तियाँ जहाँ 100 लोगों से कम की आबादी है एवं विद्युत व्यवस्था नही है। वहाँ पर विद्युत लाईन विस्तार, ट्रांसफार्मर व खम्भे आदि लगाना
अन्य योजनाएँ
वित्तीय वर्ष 2019-20 में निम्नानुसार अन्य योजनाएँ संचालित हैं-
परीक्षा शुल्क की प्रतिपूर्ति (मा.शि.मं/व्यापमं)
माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षाओं एवं व्यापमं द्वारा संचालित पीईटी/पीएमटी/पीएटी आदि में शामिल होने वाले इन जनजाति के विद्यार्थियों के परीक्षा शुल्क की प्रतिपूर्ति हेतु योजना।
नेतृत्व विकास योजना
नेतृत्व विकास शिविर आयोजित कर प्रत्येक जिले से 10वीं एवं 12वीं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले बालक व बालिका को आमंत्रित कर नेतृत्व विकास का प्रशिक्षण देने का प्रावधान।
विमुक्त जाति के समाज सेवक को उत्कृष्ट कार्य पुरस्कार योजना
विमुक्त जाति के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले विमुक्त जनजाति के समाज सेवक को 1 लाख रूपये देने का प्रावधान

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