बैगा जनजाति का आर्थिक जीवन | baiga janjati ka aarthik jeevan

बैगा जनजाति का आर्थिक जीवन

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आर्थिक जीवन

बैगा जनजाति का मुख्य व्यवसाय कृषि है।
बैगा कृषि के अलावा मजदूरी व वन उपज संग्रह का कार्य भी करते हैं।

बैगा जनजाति में कृषि

  • बैगा स्थानांतरित कृषि करते हैं जिसे बेवार कहते हैं।
  • बैगा धरती को माँ समझते है और धरती पर हल चलाना पाप मानते हैं।
  • पोंडा कृषि : बैल उधार लेकर की जाने वाली कृषि।
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बैगा जनजाति के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

  • बैगा जनजाति भूमिया जनजाति की एक उपशाखा है।
  • बैगा का विकसित रूप विंझवार कहलाता है ये स्वयं को धरती का सेवक मानते हैं।
  • बैगा गोण्ड जनजाति के परम्परागत पुरोहित माने जाते हैं, पुरोहित का काम करने वाले को बैगा जनजाति में बेवान कहा जाता है।
  • बैगा जनजाति में तिनका तोड़ना तलाक का सूचक है।
  • साल बैगाओं का प्रिय वृक्ष है जिस पर बूढ़ा देव निवास करते हैं।
  • कुकड़ा पाठ खेल बैगा जनजाति के लड़के लड़कियाँ खेलते हैं।
  • बैगा जनजाति में सुअर बाली का प्रचलन है जो 12 वर्ष में एक बार की जाती है।
  • मंडला जिले में बैगा जनजाति सर्वाधिक पाई जाती है।

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Kartik Budholiya

Kartik Budholiya

प्रतियोगी परीक्षाओं के मार्गदर्शक Kartik Budholiya को मध्य प्रदेश की प्रशासनिक और सांस्कृतिक व्यवस्थाओं का गहन अनुभव है। वे MPPSC और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं के लिए सटीक विश्लेषण और प्रमाणिक अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं।