प्रमुख जनजातियों का प्रादेशिक वितरण

प्रमुख जनजातियों का प्रादेशिक वितरण

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1. भील (Bhil)
  • उपजातियां: बरेला, भिलाला, पटलिया, रथास, बैगास
  • जनसंख्या: 5,983,921
  • प्रतिशत: 39.08%
  • प्रमुख जिले: धार, बड़वानी, झाबुआ, खरगोन, अलीराजपुर, रतलाम

2. गोंड (Gond)
  • उपजातियां: परधान, अगरिया, ओझा, नगारची, सोलहास
  • जनसंख्या: 5,093,124
  • प्रतिशत: 33.25%
  • प्रमुख जिले: सम्पूर्ण राज्य (प्रमुखतः मंडला, बैतूल, सिवनी, डिंडोरी, बालाघाट, जबलपुर, अनूपपुर)

3. कोल (Kol)
  • उपजातियां: रोतिया, रौतले
  • जनसंख्या: 1,167,694
  • प्रतिशत: 7.62%
  • प्रमुख जिले: रीवा, सतना, सीधी, कटनी, शहडोल, जबलपुर, उमरिया, सिंगरौली

4. कोरकू (Korku)
  • उपजातियां: मोवासी, रूमा, बावरी, बोडोया
  • जनसंख्या: 730,847
  • प्रतिशत: 4.77%
  • प्रमुख जिले: बैतूल, खंडवा, हरदा, देवास, बुरहानपुर, होशंगाबाद

5. सहरिया (Sahariya)
  • जनसंख्या: 614,958
  • प्रतिशत: 4.01%
  • प्रमुख जिले: शिवपुरी, श्योपुर, अशोकनगर, गुना, ग्वालियर, विदिशा, मुरैना, दतिया, रायसेन

6. बैगा (Baiga)
  • उपजातियां: बिंझवार, नरोतिया, भरौतिया, नाहर, राय, मैना, कठमैना
  • जनसंख्या: 414,526
  • प्रतिशत: 2.71%
  • प्रमुख जिले: शहडोल, उमरिया, सिंगरौली, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, सीधी, बालाघाट

7. भारिया (Bharia)
  • उपजातियां: भूमिया, भुईहार, पंडा
  • जनसंख्या: 193,230
  • प्रतिशत: 1.26%
  • प्रमुख जिले: छिंदवाड़ा, जबलपुर, डिंडोरी

8. सौर (Saur)
  • जनसंख्या: 167,340
  • प्रतिशत: 1.09%
  • प्रमुख जिले: सागर, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, रायसेन

9. परधान (Pardhan)
  • जनसंख्या: 123,742
  • प्रतिशत: 0.81%
  • प्रमुख जिले: सिवनी, छिंदवाड़ा, मंडला, डिंडोरी, जबलपुर, बैतूल, बालाघाट, होशंगाबाद

10. मवासी (Mawasi)
  • जनसंख्या: 109,180
  • प्रतिशत: 0.71%
  • प्रमुख जिले: छिंदवाड़ा, सतना, होशंगाबाद, भोपाल, खरगोन

11. पनिका (Panika)
  • जनसंख्या: 97,767
  • प्रतिशत: 0.64%
  • प्रमुख जिले: सिंगरौली, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, उमरिया

12. खैरवार (Khairwar)
  • जनसंख्या: 76,09
  • प्रतिशत: 0.50%
  • प्रमुख जिले: छतरपुर, सिंगरौली, पन्ना, शहडोल, सीधी, उमरिया

13. मांझी (Manjhi)
  • जनसंख्या: 50,655
  • प्रतिशत: 0.33%
  • प्रमुख जिले: ग्वालियर, रीवा, भोपाल, भिंड, मुरैना, जबलपुर

14. पाओ (Pao)
  • जनसंख्या: 44,312
  • प्रतिशत: 0.29%
  • प्रमुख जिले: शहडोल, अनूपपुर, सतना

15. अगरिया (Agariya)
  • उपजातियां: पथरिया, खुटिया
  • जनसंख्या: 41,243
  • प्रतिशत: 0.27%
  • प्रमुख जिले: सिंगरौली, अनूपपुर, सीधी, शहडोल, उमरिया

16. उरांव (Oraon)
  • जनसंख्या: 28,431
  • प्रतिशत: 0.19%
  • प्रमुख जिले: भोपाल, नरसिंहपुर, अनूपपुर, बड़वानी

17. कंवार (Kanwar)
  • उपजातियां: (जानकारी उपलब्ध नहीं)
  • जनसंख्या: 18,603
  • प्रतिशत: 0.12%
  • प्रमुख जिले: शहडोल, अनूपपुर

18. विंझवार (Binjhwar)
  • जनसंख्या: 15,805
  • प्रतिशत: 0.10%
  • प्रमुख जिले: बालाघाट और सिवनी

जनजाति संग्रहालय
राज्य जनजाति संग्रहालय भोपाल
श्री बादल भोई राज्य जनजातीय संग्रहालय छिंदवाड़ा
सहरिया जनजाति संग्रहालय श्योपुर

विश्व आदिवासी दिवस

आदिवासी आबादी के अधिकारों को बढ़ावा देने और उनकी सुरक्षा के लिए प्रत्येक 9 अगस्त को विश्व के आदिवासी लोगों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है।
आदिवासी अंतर्राष्ट्रीय दिवस पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा दिसम्बर 1994 में घोषित किया गया था।
विश्व आदिवासी दिवस 2023 के लिए चुनी गई थीम- आत्मनिर्णय के लिए परिवर्तन के प्रेरक के रूप में आदिवासी युवा (Indigenous youth as agents of change for self-determination) है।

अनुसूचित जनजाति से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

संविधान के अनुच्छेद 342 में सूचीबद्ध जनजातियों को अनुसूचित जनजाति कहा गया है।
मध्य प्रदेश में 24 प्रमुख जनजातियाँ सहित 46 जनजातीय निवास करती हैं, उपजातियाँ समेत उनकी संख्या लगभग 90 हो जाती है।
जनजातियों की दो पेटियाँ झाबुआ से सतपुड़ा तथा मैकल पर्वत से बघेलखण्ड तक अधिक संकेंद्रण है।
जनजातियों के लिए आदिवासी शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम ठक्कर बाबा (जनजातियों का पितृ पुरुष) द्वारा किया गया।
संविधान के अनुच्छेद 164 के अन्तर्गत मध्य प्रदेश में जनजातीय कल्याण हेतु पृथक मंत्रालय व मंत्री अनिवार्य हैं।
प्रदेश में आदिम जाति कल्याण विभाग की स्थापना 1964 में हुई (वर्तमान में जनजातीय कार्य विभाग)
वर्ष 1960 में गठित अनुसूचित क्षेत्र व अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष यू. एन. ढेबर थे।

मध्य प्रदेश में अधिसूचित जनजातियाँ

  1. अगरिया
  2. आन्ध
  3. बैगा
  4. मैना
  5. भारिया, भूमिया, भुईंहार, भूमि, पलिहा पांडो
  6. भत्तरा
  7. भील, भलाला, बारेला
  8. भील, मीना
  9. भुजिया
  10. विंआर, वियार
  11. विंझवार
  12. बिरहुल, बिरहौर
  13. डामोर, डामरिया
  14. धनवार
  15. गदावा, गदबा
  16. गोण्ड, अरख, अर्रख अगरिया, असुर, बड़ी मारिया, दंडामी, मारिया कंडरा, कलंगा, खटोला
  17. हलबा हलबी
  18. कमार
  19. कारकू
  20. कंवर, कंवर, कौर चैरवा, राठिया, तंवर
  21. कीर (भोपाल, सीहोर व रायसेन मे) वर्तमान मे सरकारी अधिसूचना 2003 से विलोपित
  22. खैरवार, कादर
  23. खरिया
  24. कोंध, खोड, कध
  25. कोल
  26. कोलम
  27. कोरकू
  28. कोरवा, कोडालू
  29. माझी
  30. मझवार
  31. मवासी
  32. मीना (विलोपित)
  33. मुण्डा
  34. नये सगा, नया सगा
  35. उरांव, धनका, धनगढ़
  36. पनिका (छतरपुर, दतिया पन्ना, रीवा, सतना व सीधी में)
  37. पाव
  38. परधान, पठारी, सरोती
  39. पारधी (भोपाल, रायसेन व सीहोर में) (विलोपित)
  40. पारधी, बहेलिया, चता पारधी, टाकनकर, टकिया (1) छिंदवाड़ा, मण्डला, डिंडौरी व सिवनी जिलों में बालाघाट जिले के बैहर तहसील में, बैतूल, जबलपुर, कटनी, नर्मदापुरम, नरसिंहपुरम व खण्डवा जिले की हरसूद तहसील में
  41. परजा
  42. सहरिया, सहारिया सोसिया, सोर
  43. संऔता, सौंता
  44. सौर
  45. सवर, सवरा
  46. सौंर

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Kartik Budholiya

Kartik Budholiya

प्रतियोगी परीक्षाओं के मार्गदर्शक Kartik Budholiya को मध्य प्रदेश की प्रशासनिक और सांस्कृतिक व्यवस्थाओं का गहन अनुभव है। वे MPPSC और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं के लिए सटीक विश्लेषण और प्रमाणिक अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं।