ऋत
- वैदिक संस्कृति में ऋत का अर्थ है - ठीक से जुड़ा हुआ , सत्य, सही या सुव्यवस्थित। ऋत हिन्दू धर्म का एक मूल सिद्धांत है जिसका अर्थ होता है - जगत की व्यवस्था। इसे प्राकृत नियम भी कहा गया है।
- वैदिक साहित्य में ऋत का प्रयोग सृष्टि के सर्वमान्य नियम के लिए हुआ है।
महत्वपूर्ण तथ्य
वरूण का एक अन्य नाम 'ऋतस्य गोपा' है।
प्राचीन ईरान में ' अश या अर्त ' की अवधारणा के समतुल्य ऋत का प्रयोग हुआ है।
ऋत ब्रह्माण्डीय व्यवस्था का द्योतक तथा यज्ञ की व्यवस्था एवं मनुष्य की नैतिकता का परिचायक है।
विभिन्न देवता तथा ऋत से उनका संबंध
| देवता | ऋत से संबंध |
|---|---|
| वरूण | ऋत का रक्षक |
| मित्र और सूर्य | ऋत के संरक्षण में वरूण का सहयोग |
| उषा और सूर्य | ऋत का पालन करने वाला |
| भरूत | ऋत से उद्भूत |
| विष्णु | ऋत का गर्भ |

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